दो मुंहे बालों के कारण और घरेलू उपाय
Specialization Dermatologist
विशेषज्ञता:त्वचा विशेषज्ञ
दोमुंहे बाल तब उत्पन्न होते हैं जब एक बाल दो हिस्सों में बट जाता है। इन्हें Medical भाषा में Trichoptylosis कहा जाता है। यह बाल में कहीं भी हो सकते हैं। सिर्फ एक बाल ही नहीं, बल्कि कई बाल एक साथ दोमुंहे हो जाते हैं। यदि समय रहते इनका इलाज न किया जाए तो ये बालों को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं और बाल टूटने लगते हैं।
दो मुंहे बालों के कारण
Causes of Split Ends
दोमुंहे बालों के कई कारण हैं, जिनमें से मुख्य हैं –
- बालों को जरूरत से ज्यादा धोना और रगड़ना
- वातावरण का बहुत ज्यादा गर्म, ठंडा या नम होना
- लगातार Straightening या Hair colour करवाना
- गरम पानी से बालों को धोना
- तौलिए में बालों को अधिक समय तक लपेटकर रखना
- बालों को टाइट बांधकर सोना
- एल्कोहल वाले Hair Care Products का इस्तेमाल करना
- बालों में नमी की कमी
- Genetics
दो मुंहे बालों के लिए घरेलू उपाय
Home Remedies For Split Ends
अंडे का मास्क
अंडे की जरदी में ढेर सारा प्रोटीन होता है, जो बालों की लंबाई को मजबूत करता है और किसी भी तरह के दोमुंहेपन से बचाता है। इसमें विटामिन A और विटामिन E के साथ Biotin और Folate भी होता है, जो बालों के विकास के लिए जरूरी है।
1 अंडे की पीली जरदी, 2 चम्मच बादाम का तेल, 2 चम्मच ऑलिव ऑइल और 2 चम्मच शहद को अच्छी तरह से किसी छोटे बर्तन में मिला लें। इस मास्क को अपने बालों, खासकर बाल के निचले हिस्से पर अच्छी तरह से लगा लें। करीब 30 से 45 मिनट तक इसे बालों पर लगे रहने दें। बाद में गुनगुने पानी से साफ कर लें।
पपीते का मास्क
पपीते को दही में मिलाकर बालों में लगाने से भी दोमुंहे बालों की दिक्कत दूर होती है। पपीते में फोलिक एसिड होता है, जो बालों और सिर में रक्त संचार को बढ़ाता है। साथ ही बालों को पोषण प्रदान करता हैं। पपीते का मास्क बनाने के लिए:
पका पपीता लें। इसके बीज निकाल दें। पपीते को आधा काटकर उसमें आधा कप दही मिला लें। मास्क को तब तक मिलाएं, जब तक यह मुलायम न हो जाए। अब इसे बालों पर लगाएं और 30 मिनट बाद बालों को धो लें।
नारियल तेल
नारियल का तेल भी दोमुंहे बालों से छुटकारा दिलाता है। ये काफी पुराना और असरदार तरीका है, नारियल का तेल बालों पर लगाने से बाल Healthy होते हैं और उन्हें मजबूती मिलती हैं। नारियल के तेल को हल्का गर्म कर 15 मिनट तक बालों में मसाज करें। करीब दो घंटे बाद शैंपू से बाल धो लें।
एलोवेरा जेल
एलोवेरा जेल दोमुंहे बालों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। एलोवेरा में विटामिन A, C, E और B12 होता है। इसमें मौजूद High Collagen Cation दो मुंहे बालों की समस्या से राहत दिलाता है। एलोवेरा में कई सक्रिय तत्व और खनिज होते हैं जो बालों को मजबूत बनाते हैं।
एलोवेरा जेल को धोए हुए बालों पर लगाएं। इसे खासकर बालों की जड़ों तक लगाएं। कम से कम 30 मिनट तक बालों में लगा रहने दें और फिर किसी शैम्पू से धो लें।
केले का मास्क
केले का मास्क लगाने से दोमुंहे बालों से छुटकारा मिलता है। केले में प्राकृतिक तेल, खनिज और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। ये बालों को टूटने से बचाते हैं और बालों का लचीलापन बनाए रखते हैं। केले का मास्क बनाने के लिए, एक पका हुआ केला मैश कर लें। इसमें 2-3 चम्मच शहद मिलाएं। इस पेस्ट को अपने बालों में अच्छी तरह से लगाएं और शावर कैप से ढंक दें। या केले के मिश्रण में एक बड़ा चम्मच नींबू का रस भी मिला सकते हैं। इसे कुछ देर लगाकर अच्छी तरह से धो लें।
Trimming
Trimming से दोमुंहे बालों से छुटकारा मिलता है। ट्रिमिंग से बाल लंबे भी होते हैं। लगभग 3 महीनों के अंतराल पर बालों को ट्रिम कराते रहना चाहिए। इससे बालों की ग्रोथ बढ़ती है।
दो मुंहे बालों से बचने के लिए ये उपाय अपनाए जा सकते हैं :
These Measures Can Be Adopted To Avoid Split Ends :
- एक ही ब्रांड और केमिकल रहित तेल का इस्तेमाल करें।
- अच्छी Quality का Hair Brush या कंघी का इस्तेमाल करें।
- बालों के अनुकूल, समय-समय पर शैम्पू और Conditioner का इस्तेमाल करें।
- नियमित रूप से बालों में तेल लगाएं।
- हमेशा बालों में कंघी धीरे-धीरे करें।
- हल्के हर्बल शैम्पू जैसे डव, हिमालय हर्बल्स प्रोटीन आदि का इस्तेमाल करें।
- शैम्पू करने के बाद अपने बालों पर कंडीशनर या हेयर सीरम लगाएं।
- अंडे की जर्दी को मास्क की तरह बालों पर लगाएं।
हम आपकी सहायता किस तरह से कर सकते है?:-How can we help you?:- - प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
OUR SERVICES Click Here
- प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
- Physiotherapy
- Doctor Consultations
- Nursing
- Trained Attendants
- Lab Tests
- Counseling
- Web Development
- Education & Training
- Digital Marketing
सोरायसिस - लक्षण, कारण और ठीक करने के घरेलू नुस्खे
Specialization Dermatologist
विशेषज्ञता:त्वचा विशेषज्ञ
आइए पहले जानते हैं
सोरायसिस क्या होता है ?
सोरायसिस त्वचा की एक बीमारी है, जिसके कारण त्वचा कोशिकाएं सामान्य से 10 गुना अधिक तेजी से बढ़ती हैं। इससे त्वचा पर ऊबड़-खाबड़ पैच बन जाते हैं। हल्की त्वचा पर, धब्बे सफेद पपड़ी के साथ लाल हो सकते हैं। गहरे रंग की त्वचा पर, धब्बे भूरे रंग की पपड़ियों के साथ बैंगनी या भूरे रंग के हो सकते हैं। वे कहीं भी बढ़ सकते हैं, लेकिन ज्यादातर खोपड़ी, कोहनी, घुटनों और पीठ के निचले हिस्से पर दिखाई देते हैं। यह रोग ज्यादातर युवा या अधिक उम्र के लोगों में पाया जाता है। पर कभी कभार कम उम्र में भी यह समस्या देखी जा सकती है। महिलाएं और पुरुष समान रूप से प्रभावित होते हैं। सोरायसिस किसी तरह का संक्रमण नहीं है, और न ही यह संक्रामक है। यानी यह छूने या हाथ मिलाने से नहीं फैलता।
सोरायसिस के लक्षण
Symptoms of Psoriasis
- Skin पर लाल पपड़ीदार, सफेद धब्बे
- छोटे scaling spots ज्यादातर बच्चों में होते हैं
- सूखी, फटी त्वचा
- जलन, खुजली या दर्द
- नाखून की बनावट में बदलाव या फटे नाखून
- जोड़ों का दर्द
- Dehydration
सोरायसिस के कारण
Causes Of Psoriasis
सोरायसिस होने के कुछ कारण हैं:
- त्वचा या गले का इन्फेक्शन
- ठंड व शुष्क वातावरणीय कारण (Climate Causes)
- त्वचा में कोई चोट या जली हुई त्वचा
- सूर्यताप (Sunburn) की गर्मी से जलन
- शराब या नशीले पदार्थों का अत्यधिक सेवन
- Genetic व सोरायसिस का पारिवारिक इतिहास
सोरायसिस के उपचार के लिए घरेलू नुस्खे
Home remedies For Psoriasis Treatment
कई लोग एलोपैथिक उपाय से सोराइसिस का इलाज करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बीमारी का कोई उचित इलाज नहीं है। ऐसे में आयुर्वेदिक उपाय ज्यादा बेहतर परिणाम दे सकते हैं। आप ये आयुर्वेदिक उपाय आजमा सकते है :
हल्दी और गुलाब जल
हल्दी और गुलाब पानी का लेप बना लें। इसे रोज सुबह-शाम लगाएं। इससे सोरायसिस का उपचार होता है। यह एक फायदेमंद नुस्खा है।
फिटकरी
फिटकरी के पानी से नहाएं। इससे सोरियासिस से होने वाली खुजली और रूखापन दूर होता है। इसके लिए नहाने के पानी में 2 कप फिटकरी डाल लें। 15 मिनट तक फिटकरी के पानी में प्रभावित अंग को डुबाएं रखें।
करेले का जूस और नींबू का जूस
करेले की बाहरी सतह का इस्तेमाल कर एक गिलास करेले का जूस या रस बनाये, करेले के एक गिलास जूस में 1 चम्मच नींबू का अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण जूस का सेवन रोजाना सुबह खाली पेट कम से कम 6 महीने तक करें।
एलोविरा
एलोवेरा के ताजे पत्ते का Pulp निकालकर प्रभावित स्थान पर लगाएं। हल्के हाथों से मालिश करें। रोज ऐसा करने से खुजली से आराम मिलता है।
सोरायसिस में इन चीजों का सेवन करना फायदेमंद है :
Consuming These Things Is Beneficial In Psoriasis:
- सात दिन तक सम्पूर्ण फलाहार खाएं।
- खाने के Olive Oil का इस्तेमाल करें व बीन का सेवन करें।
- करेले, खीरे और चुकुरंदर का जूस पिएं।
- विटामिन-E से युक्त भोजन का सेवन करें।
- अखरोट, Nuts और बीजीय फलों जैसे संतरा, अनार, सेब, अंगूर आदि का सेवन करें।
हम आपकी सहायता किस तरह से कर सकते है?:-How can we help you?:- - प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
OUR SERVICES Click Here
- प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
- Physiotherapy
- Doctor Consultations
- Nursing
- Trained Attendants
- Lab Tests
- Counseling
- Web Development
- Education & Training
- Digital Marketing
मुँह के छाले - लक्षण, कारण और घरेलू उपचार
Specialization:- Dentist
विशेषज्ञता:-दंत चिकित्सक
मुँह के छाले (Mouth Ulcer) एक सामान्य समस्या है। यह छाले गालों के अन्दर, जीभ पर और होंठो के अन्दर की तरफ होते हैं। यह सफेद या लाल घाव की तरह दिखाई देते हैं। आमतौर पर एक सप्ताह या 10 दिनों के भीतर अपने आप ही ठीक हो जाते हैं। मुंह के छाले को अल्सर भी कहा जाता है।
मुंह में छाले क्यों होते हैं ?
Why do Mouth Ulcers Occur?
मुंह में छाले होने के कई कारण हैं:
- मुंह में छाले सबसे आमतौर पर त्वचा के घावों से होते हैं। ये घाव मुंह के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं जैसे कि गले, जीभ या मुंह के अंदरी भाग
- वायरस, बैक्टीरिया या फंगल संक्रमण भी मुंह में छाले के कारण
- मुंह के अंदर जीभ या दांतों से चोट लगने से भी छाले हो सकते हैं
- कुछ लोगों को मुंह में छालों की समस्या खाने की वस्तुओं से एलर्जी के कारण होती है
- गर्म चीजें या ज्यादा तेल और मसाले वाली चीजें खाने से
- पेट ठीक से साफ न होने के कारण
- शरीर में पानी की कमी के कारण
मुंह में छाले होने के लक्षण
Symptoms of Mouth Ulcers
- हल्का बुखार
- लिम्फ नोड्स में सूजन
- हल्के फ्लू जैसे लक्षण
- खाने, पीने और बात करने में तकलीफ होना
- छाले के आसपास फुंसियां का होना
- छाले के समय जलन होना, जो खाने पीने में तकलीफ पैदा करती है
- कुछ छाले यदि संक्रमित हो जाते हैं तो उनमें पानी भर सकता है जो संक्रमण के बढ़ने का कारण बन सकता है
मुंह के छालों के उपचार के लिए घरेलू नुस्खे
Home Remedies For Treatment Of Mouth Ulcers
मुंह के छाले का उपचार उनकी गंभीरता पर निर्भर करता है। यदि छाले गंभीर हैं और लंबे समय तक ठीक नहीं होते हैं, तो चिकित्सक द्वारा निर्धारित उपचार लेना चाहिए। आइए कुछ घरेलू उपचार के बारे में जानते हैं जो मुँह के छाले ठीक करने में फायदेमंद हैं :
1.) हल्दी का इस्तेमाल
यदि किसी के मुंह में छाले हो और उसे खाने पीने में दिक्कत आ रही हो तो हल्दी के हल्के गर्म पानी से कुल्ला करें। ऐसा दिन में दो बार करें। यदि वह इसे 2 दिन तक लगातार करता है तो उसके मुंह के छाले बहुत हद तक कम हो जाएंगे और उसे खाने पीने की दिक्कत नहीं होगी। हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं जो किसी भी जख्म को सही करने में बहुत ज्यादा लाभदायक होते हैं।
2.) शहद का सेवन
मुंह के छालों को ठीक करने के लिए शहद बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। शहद के अंदर एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है। शहद को मुंह के छालों पर या जहां जहां छाले हैं वहां पर लगाएं। दिन में 3-4 बार शहद लगाने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। या शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप भी लगाया जा सकता है। इससे आपको बहुत आराम मिलेगा।
3.) नमक का पानी
नमक के पानी से कुल्ला करने से मुंह के छालों को ठीक करने में मदद मिलती है। यह बहुत ही फायदेमंद घरेलू उपाय है। इसके साथ ही नमक के पानी से कुल्ला करने से सर्दी, खांसी, गले में दर्द और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से राहत मिलती है। मुंह के बैक्टीरिया खत्म होते हैं। मुंह के छालों को ठीक करने के लिए, आप इस गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच नमक डालकर अच्छी तरह से मिला लें और कुल्ला करें। आप दिन में 2 या 3 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
4.) नारियल का तेल
नारियल का तेल मुंह के छालों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। नारियल के तेल को मुंह के छालों की जगह लगाएं। इसके अंदर एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जिससे मुंह के छाले जल्दी सही हो जाते हैं और दर्द भी दूर हो जाता है। इसके साथ-साथ मुंह के छाले में जो जलन होती है वह भी खत्म हो जाती है।
5.) तुलसी
तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। तुलसी के 2-3 पत्ते चबाने से छालों पर ठंडक महसूस होती है। तुलसी के पत्तों का सेवन करने से कुछ दिनों में ही मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
6.) मुलेठी का सेवन
मुलेठी में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जैसे: कैल्शियम, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, प्रोटीन, एंटीबायोटिक्स आदि| मुलेठी के सेवन से मुंह के छालों में राहत मिलती है। मुलेठी का छोटा टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने से मुंह के छाले ठीक होते हैं। मुलेठी की कुछ छड़ियों को पानी में उबालें और इसे घूंट-घूंट करके पिएं या गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और थोड़ा मुलेठी पाउडर मिलाएं और इसका सेवन करें।
हम आपकी सहायता किस तरह से कर सकते है?:-How can we help you?:- - प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
OUR SERVICES Click Here
- प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
- Physiotherapy
- Doctor Consultations
- Nursing
- Trained Attendants
- Lab Tests
- Counseling
- Web Development
- Education & Training
- Digital Marketing
फोड़े फुंसी के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार
Specialization Dermatologist
विशेषज्ञता:त्वचा विशेषज्ञ
फोड़े फुंसी क्या है ?
What are Boils and Pimples?
फोड़े फुंसी त्वचा पर बनने वाली छोटी सी गांठ है जिसके चारों तरफ का Area गुलाबी या लाल पड़ जाता है। फोड़े, फुंसी, दर्दनाक व पस से भरा एक बंद घाव होता है जो आमतौर पर बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होता है। फोड़े, फुंसी शरीर में कहीं भी विकसित हो सकते हैं। कई प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं जो फोड़े, फुंसी होने का कारण बनते हैं। फोड़े, फुंसी होने पर लालिमा, खुजली, सूजन और दर्द जैसे लक्षण होने लगते हैं।
यदि आपकी त्वचा पर फोड़े फुंसी हो गए हैं तो उन्हें दबाए, छेड़े या नोचें नहीं। यदि यह अपने आप फुट कर उससे द्रव बहने लग गया है तो यह संक्रमण साफ होने की प्रक्रिया होती है। ऐसे में फोड़ा कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाता है। यदि यह फूटने के बाद भी खुद से ठीक न हो तो ऐसी स्थिति में इसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
फोड़े फुंसी के लक्षण
Symptoms of Boils
- त्वचा पर सूजन आना
- खुजली लगना
- छूने या Movement करने पर दर्द होना
- पस भरना और धीरे - धीरे उसका Size बढ़ना
- फोड़े से द्रव निकलना
फोड़े फुंसी के कारण
Cause of Boils
ज्यादातर प्रकार के फोड़े, फुंसी बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होते हैं। जब बैक्टीरिया आपके अंदर जाता है तो संक्रमण से लड़ने के लिए सफेद रक्त कोशिकाएं बैक्टीरिया पर अटैक करती है जिससे आस पास के कुछ ऊतक नष्ट हो जाते हैं और उस स्थान पर खली जगह बन जाती है और पस से भर जाती है। यदि संक्रमण लगातार बढते रहता है तो पस भी लगातार बढ़ते रहता है। और ऐसे में फोड़े फुंसी का आकर भी बढ़ जाता है।
कभी - कभी चोट लगना, आस पास के किसी क्षेत्र से संक्रमण फैलना या Appendix के परिणाम स्वरूप भी बैक्टेरिया पेट के अंदर फैल सकते हैं और फोड़े फुंसी पैदा कर सकते हैं।
फोड़े फुंसी के लिए घरेलू उपचार
Home Remedies For Boils and Pimples
1. हल्दी
हल्दी का उपयोग फोड़ों के इलाज के लिए करना सबसे फायदेमंद घरेलू उपाय हैं। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। हल्दी त्वचा के घाव और फोड़े-फुंसी को जल्दी ठीक कर सकती है। इसके लिए आप हल्दी पाउडर में गुलाब जल या दूध मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। अब इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें। 20-25 मिनट बाद पानी से धो लें। दिन में कम से कम दो बार ऐसा करने से फोड़े - फुंसी से जल्द राहत मिलती है।
2. नारियल का तेल
नारियल का तेल में भी एंटी बैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेट्री गुण होते हैं। जो फोड़े - फुंसी से राहत दिलाने में मदद करते हैं। नारियल के तेल में एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो त्वचा की firmness और elasticity को बनाए रखते हैं। इसमें विटामिन E और A भी पाया जाता है, जो त्वचा को free radicals से होने वाले नुकसान से बचाते हैं।
3. एलोवेरा जेल
एलोवेरा जेल त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए फायदेमंद है। इसमें Antioxidant, Anti-bacterial और Anti-inflammatory गुण मौजूद होते हैं। यह फोड़े-फुंसी को जल्दी ठीक करने में मददगार साबित हो सकता है। साथ ही, त्वचा की सूजन, जलन और Redness को भी कम करता है। इसका प्रयोग करने के लिए आप एलोवेरा के पत्ते को बीच से काटकर इसका जेल निकाल लें। अब इसे प्रभावित स्थान पर लगाएं और कुछ देर के लिए लगा रहने दें। करीब 40-50 मिनट बाद पानी से धो लें। आप दिन में 2 से 3 बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे फोड़े-फुंसी के कारण त्वचा पर होने वाले दाग-धब्बे भी साफ होते हैं।
4. तुलसी
तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। यह भी फोड़े, फुंसी से छुटकारा दिलाने के लिए काफी फायदेमंद है। तुलसी की पत्तियों को पीसकर लेप तैयार करें और इसे फोड़े - फुंसी पर लगाए। सूखने के कुछ समय बाद इसे धो लें। आप इसका इस्तेमाल दिन में 2 बार कर सकते हैं।
5. नीम
नीम में एंटी वायरल और एंटी फंगल गुण होते हैं। जो फोड़े - फुंसी ठीक करने में मदद करते हैं। इसके लिए नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बनाएं और इसे फोड़े, फुंसी पर 20 मिनट तक लगाकर छोड़ दें और फिर साफ पानी से धो लें। इस उपाय को दिन में 4 या 5 बार कर सकते हैं।
6. लहसुन
लहसुन भी फोड़े-फुंसी का कारगर घरेलू उपचार है। इसमें एंटी-फंगल, एंटी-वायरल और एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं, जो त्वचा के संक्रमण और फोड़े-फुंसी को ठीक करने में मदद करते हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए आप लहसुन की कुछ कलियां लें और इन्हें पीसकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को प्रभावित स्थान पर लगाएं। आधे से एक घंटे बाद इसे पानी से धो लें। आप इसका इस्तेमाल दिन में 2-3 बार कर सकते हैं।
7. एप्पल साइडर विनेगर
एप्पल साइडर विनेगर यानी सेब का सिरका एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। यह त्वचा पर होने वाले पिंपल्स और फोड़े-फुंसी को आसानी से ठीक कर सकता है। वहीं, इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा की सूजन, दर्द और लालिमा से राहत दिलाते हैं। इसके लिए आप एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को एक चम्मच पानी के साथ मिलाएं। अब इस घोल को कॉटन की मदद से प्रभावित हिस्से पर लगाएं। आप इसका इस्तेमाल दिन में 3-4 बार कर सकते हैं। इससे आपको जल्द राहत मिल सकती है।
हम आपकी सहायता किस तरह से कर सकते है?:-How can we help you?:- - प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
OUR SERVICES Click Here
- प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
- Physiotherapy
- Doctor Consultations
- Nursing
- Trained Attendants
- Lab Tests
- Counseling
- Web Development
- Education & Training
- Digital Marketing
डैंड्रफ दूर करने के आसान घरेलू उपाय
Specialization Dermatologist
विशेषज्ञता:त्वचा विशेषज्ञ
आइए पहले जानते हैं:-
डैंड्रफ (रूसी ) क्या है ?:-
डैंड्रफ बालों की एक आम समस्या है जिससे हर कोई परिचय है। यह दुनिया भर में लगभग 50% लोगों को किसी न किसी समय प्रभावित करता है। इसके कारण Scalp पपड़ीदार हो जाता है और सिर पर खुजली होने लगती है। सिर की सतह पर मौजूद तेल के कारण सिर की मृत कोशिकाएं एक-दूसरे से चिपक जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप खोपड़ी (Scalp) में पपड़ियां पड़ने लगती हैं और खुजली होने लगती है तथा बाल सामान्य दर से अधिक तेजी से झड़ने लगते हैं।
डैंड्रफ की गंभीरता मौसम के साथ घट या बढ़ सकती है लेकिन यह आमतौर पर सर्दियों के दौरान खराब हो जाती है। यदि उपचार न किया जाए, तो यह त्वचा में फंगल संक्रमण का कारण बन सकता है और गंभीर बाल झड़ने का कारण भी बन सकता है।
डैंड्रफ दूर करने के घरेलू उपाय:-
Home Remedies to get rid of Dandruff:-
कई घरेलू उपचार हैं जिन्हें आप डैंड्रफ कम करने या खत्म करने में मदद करने के लिए आज़मा सकते हैं। यहां डैंड्रफ के लिए कुछ घरेलू उपचार दिए गए हैं :
1. नारियल तेल और नींबू:-
नारियल तेल में नींबू का रस मिलाकर Scalp पर लगाने से डैंड्रफ निकल जाता है।नारियल तेल Scalp को हाइड्रेट करता है और नींबू का रस बालों को साफ करता है। नींबू में साइट्रिक एसिड होता है, जो सिर की त्वचा पर पपड़ी उतरने की प्रक्रिया को कम करता है।
सबसे पहले 2 चम्मच नारियल के तेल में बराबर मात्रा में नींबू का रस डालकर अच्छे से मिला लें। इस मिश्रण को सिर पर लगाकर कम से कम 20 मिनट तक रखें और धो लें।
2. दही:-
दही में मौजूद लैक्टिक एसिड डैंड्रफ को खत्म करता है। दही में मौजूद प्रोटीन बालों को जड़ों से मज़बूत बनाता है। और दोमुंहे बालों को कम करता है। यह रूसी के साथ आने वाली खुजली को शांत करता है। इसके लिए, दही को सीधे सिर पर लगाएं या एक Bowl में 2 चम्मच दही लें। इसमें एक चम्मच नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब इसे अपने Scalp पर लगाएं और करीब एक घंटे के लिए छोड़ दें। उसके बाद बालों को शैंपू से धो लें।
3. नीम का रस:-
नीम का रस रूसी या डैंड्रफ से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। नीम के रस या नीम की पत्तियों का रस निकालकर बालों में 10-15 मिनट तक लगाकर रखें या नीम के पत्तों को पीसकर उसमें एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बनाए। इस पेस्ट को पूरे Scalp पर 20 मिनट तक लगा रहने दें। जब यह सूख जाए तो इसे धो लें।
4. संतरे का छिलका:-
संतरे के छिलके में विटामिन सी और Cleansing गुण होते हैं। ये गुण रूसी से लड़ने में मदद करते हैं। इसे पीसकर इसमें नींबू का रस मिलाएं और फिर बालों पर आधा घंटा लगाकर रखें और शैम्पू से धो लें।
5. ग्रीन टी:-
ग्रीन टी लगाने के बाद बाल धोने पर भी डैंड्रफ दूर हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए 2 ग्रीन टी बैग्स लेकर गर्म पानी में बना लें। फिर ठंडा करके इस पानी को सिर पर लगाकर रखें। यह तेल उत्पादन को नियंत्रित करती है। खुजली और लालिमा (Redness) को शांत करती है। और रूसी पैदा करने वाले फंगस को रोकती है।
6. केला और एपल साइडर विनेगर:-
केले और सेब के सिरके से बना पेस्ट रूसी से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। केले में विटामिन बी होता है, जो Blood Circulation में सुधार करता है और स्किन को हेल्दी रखता है। वहीं, सेब के सिरके में Acetic Acid होता है, जो रूसी को रोकने में मदद करता है।
केला लें और उसमें एपल साइडर विनेगर 2 कप डालकर पेस्ट बना लें और बालों को धोने से पहले 20 मिनट तक लगाकर रखें।
8. शहद और लहसुन:-
शहद और लहसुन Antioxidants से भरपूर होते हैं जो बालों की नमी को बनाए रखते हैं। जिससे रूसी को दूर किया जा सकता है। आप लहसुन का पेस्ट बना लें और इसमें एक चम्मच शहद डालें। इस मिश्रण को 10 मिनट के लिए अपनी स्कैल्प पर लगाए और हल्के शैम्पू से धो लें।
9. मेथी के बीज:-
मेथी के बीज डैंड्रफ दूर करने में बेहद फायदेमंद हैं। रातभर मेथी के दाने भिगोकर रखें। अगले दिन इसे पीसकर पेस्ट बनाएं और उसमें नींबू निचौड़कर सिर पर आधा घंटा लगाए रखें। आखिर में शैंपू से बाल धो लें। मेथी के बीजों में मौजूद प्रोटीन और निकोटिनिक एसिड बालों की जड़ों को मज़बूत बनाते हैं। इन बीजों में Lecithin भी होता है, जो बालों को चमकदार बनाता है।
10. जैतून का तेल:-
हम आपकी सहायता किस तरह से कर सकते है?:-How can we help you?:- - प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
OUR SERVICES Click Here
- प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
- Physiotherapy
- Doctor Consultations
- Nursing
- Trained Attendants
- Lab Tests
- Counseling
- Web Development
- Education & Training
- Digital Marketing
एड्स और एचआईवी- लक्षण, कारण और रोकथाम
Specialization:-A local HIV/AIDS Organization
विशेषज्ञता:-एक स्थानीय एचआईवी/एड्स संगठन
HIV एक प्रकार का वायरस है जो आपके Immune System को कमजोर कर देता है। यही आगे चलकर AIDS का कारण बनता है। इसका कोई इलाज नहीं है इससे बचने का एकमात्र उपाय जागरूकता है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए, हर साल 1 Dec को विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) मनाया जाता है।
आइए जानते हैं
HIV और AIDS क्या है ?
HIV जिसका पूरा नाम Human Immunodeficiency Virus है। यह आपकी Immune System की कोशिकाओं (Cells) को संक्रमित और नष्ट कर देता है, जिससे अन्य बीमारियों से लड़ना मुश्किल हो जाता है। जब HIV आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को गंभीर रूप से कमजोर कर देता है, तो AIDS का कारण बनता है।
AIDS का पूरा नाम Acquired Immune Deficiency Syndrome है। यह एक गंभीर बीमारी है जो HIV वायरस के कारण होती है। यह HIV संक्रमण का अंतिम और सबसे गंभीर चरण है। एड्स से पीड़ित लोगों में श्वेत रक्त कोशिकाओं (White Blood Cell) की संख्या बहुत कम हो जाती है और प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती है।
उपचार के बिना, HIV संक्रमण लगभग 10 वर्षों में AIDS में बदल जाता है।
AIDS HIV पॉजिटिव के लक्षण :
Symptoms of AIDS HIV Positive :
ज्यादातर मामलों में HIV AIDS में कम समय के लिए फ्लू जैसे लक्षणों का अनुभव होता है, जो संक्रमण होने के 2 से 6 सप्ताह में दिखते हैं। उसके बाद यह भी हो सकता है कि कई सालों तक कोई भी लक्षण न दिखे। यह पाया गया है की HIV संक्रमित 80 % लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं। कुछ सामान्य लक्षण निम्न हैं :
- बुखार
- ठंड लगना
- थकान
- गला खराब होना या गले में खरास होना
- मांसपेशियों में दर्द
- रात का सोते समय पसीना आना
- सूजी हुई लसीका ग्रंथियां (Lymph Nodes)
- मुँह के छाले पढ़ना
AIDS के लक्षण महिलाओं और पुरुषों दोनों में अलग - अलग होते हैं। दोनों में होने वाले अलग - अलग लक्षण :
महिलाओं में AIDS के लक्षण
- Period Cycle में बदलाव होना
- अचनाक वजन कम होना और भूख न लगना
- पेट में समस्या बने रहना
- शरीर में लाल चकत्ते(Red Rashes) पड़ना
- Lymph Nodes में सूजन होना
पुरुषों में AIDS के लक्षण
- पेशाब करते समय दर्द या जलन
- सिरदर्द
- थकान
- त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes)
- टॉंसिल्स में सूजन
- दस्त
- मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द
- मुंह में छाले
HIV AIDS फैलने के कारण
Causes of spread of HIV AIDS
यह जानना आवश्यक है कि HIV, संक्रमित व्यक्ति के साथ सामान्य संबंधो से, जैसे हाथ मिलाने, एक साथ भोजन करने, एक ही घडे का पानी पीने, एक ही बिस्तर और कपडो के प्रयोग, एक ही कमरे या घर में रहने, एक ही Toilet, Bathroom प्रयोग में लेने से, बच्चों के साथ खेलने से यह रोग नहीं फैलता है। कोई व्यक्ति निम्नलिखित तरीकों से HIV संक्रमित हो सकता है :
- रक्त संचरण : कुछ मामलों में HIV वायरस रक्त संचरण के माध्यम से भी फैलता है।
- असुरक्षित यौन संबंध : यदि आप किसी व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाते हैं तो आप संक्रमित हो सकते हैं।
- संक्रमित इंजेक्शन या सुई : HIV संक्रमित व्यक्ति पर इस्तेमाल की गयी सुई का प्रयोग किसी अन्य व्यक्ति पर करने से संक्रमण फैल सकता है।
- गर्भावस्था या स्तनपान (Pregnancy or Breastfeeding) : यदि कोई महिला HIV संक्रमित है तो स्तनपान या गर्भावस्था द्वारा अपने बच्चे को भी संक्रमित कर सकती है।
HIV संक्रमण से रोकथाम
Prevention from HIV infection
HIV एक वायरल संक्रमण है जिसे कुछ बातों को ध्यान में रखकर फैलने से रोका जा सकता है।
- किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गयी सिरिंज या इंजेक्शन का प्रयोग न करें। आपके द्वारा प्रयोग की गयी इंजेक्शन को इस्तेमाल करने के बाद फेंक दें।
- यदि कोई Pregnant महिला संक्रमित है तो बच्चे को संक्रमण से बचाने के लिए बच्चे का इलाज किया जाना चाहिए।
- असुरक्षित यौन संबंधों से बचना चाहिए ।
हम आपकी सहायता किस तरह से कर सकते है?:-How can we help you?:- - प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
OUR SERVICES Click Here
- प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा उचित देखभाल
- रोगी को शिक्षा और आत्म-प्रबंधन
- रोगी को प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा योग शिक्षा और ध्यान लगाने में मार्गदर्शन
- उचित मार्गदर्शन
- उचित सलाह डॉक्टर द्वारा परामर्श {Proper Consultation By Doctor}
- Physiotherapy
- Doctor Consultations
- Nursing
- Trained Attendants
- Lab Tests
- Counseling
- Web Development
- Education & Training
- Digital Marketing





































